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मेरी प्यारी माँ

कितनी प्यारी, कितनी न्यारी भोली भाली सूरत वाली सचमुच वो है बड़ी निराली हरदम अपनी धुन में रहती अच्छा, बुरा सदा वो सहती हर मुश्किल से मुझे बचाती भले – बुरे का ज्ञान सिखाती जब भी मुझे कोई संकट घेरे रहे आस – पास वो मेरे सदा होंसला देती मुझको कहाँ से मिलती शक्ति उसको ? कुछ ऐसा… Continue reading मेरी प्यारी माँ

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मेरी प्यारी माँ

तू मेरी ख़ुशी,तू मेरी हँसी है, तुझको न देखूँ तो, मिलती नहीं मुझे तृप्ति है... ख्याल रखे जो दिनभर मेरा, मेरे लिए जो जीती है,... बिन बोले सब हाल है जाने, तू तो मेरी जननी है... स्नेह- प्यार का बंधन ऐसा, जिसका कोई मोल नहीं, सच है सबसे प्यारा लगता, "माँ" शब्द- सा दूजा बोल… Continue reading मेरी प्यारी माँ